५ रुपैय्यों की शेंग दानों की पोटली - 416

  

                               ५ रुपये के शेंग दाने 




 हमारी मुलाकात पेहली बार राशन की दूकान में हुवी थी , हम दोनों सामान लेने आये थे 


हमारी दूसरी मुलाक़ात ऐक मंदिर में हुवी थी , हम दोनो भगवान्  के दर्शन के लिये उत्सुक थे 


तीसरी बार हमारी मुलाक़ात ऐक पुस्तकालय में हुवी , वो साहित्य के पुस्तक को ढून्ढ रही थी और मै गणित का 


इसी प्रकार कभी बैंक , कभी सब्जी की दूकान , कभी बस स्टॉप में हमारी मुलाक़ात अक्सर होने लगी 


हम दोनों की इस पेहचान को उभरते देख कर हम खुद आश्चर्य में पड गये 


दोनों को शादी की बात छेड़ने से ऐक प्रकार की दर मेहसूस करने लगे 


पहले तुम , पहले तुम की इंतज़ार में ६ महीने बीत गये 


६ महीने बाद , अपनी पूरी साहस जुटाकर मैने हम दोनों की शादी की बात शुरू करी 


उसने मुझ  से मेरे काम के बारे में पूछा , मैंने बताया की मैं नौकरी ढून्ढ रहा हूँ और फिलहाल बेकार हूँ 


उसका अगला सवाल था की घर में और कितने लोग रेह्ते हैं 

मैंने बताया की सिर्फ मेरा बड़ा भाई हमारे साथ रेहता है , लेकिन वो भी अकेला है और शादी के इंतज़ार में है 


उसने कहा , उसे सोच कर बताने में कुछ समय लगेंगे और मुझे कम से कम दो महीने रुकना पडेगा 


आज दो महीने बीत गये हैं , इस कहानी को मै पूरा नहीं कर सकता हूँ क्योंकि 

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शेंग दाने के कागज़ में सिर्फ इतनी ही जगह थी , ५ रुपये 

के लिये कौन भला अखबार में शेंग दाने देगा !!!!



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